अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भक्तों की यात्रा योजना हेतु उपयोगी जानकारी
श्री बड़े हनुमान मंदिर जाने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?
अक्टूबर से फरवरी तक मौसम सुखद रहता है। प्रातःकालीन दर्शन शांत होते हैं। माघ मेला और कुंभ के दौरान भीड़ अधिक होती है, अतिरिक्त समय रखें।
क्या मंदिर के लिए कोई ड्रेस कोड है?
हाँ। विनम्र वस्त्र पहनें। गर्भगृह में प्रवेश से पहले जूते उतारें। सम्मानस्वरूप शॉर्ट्स और बिना आस्तीन के वस्त्र न पहनें।
क्या मंदिर के अंदर फोटो ले सकते हैं?
गर्भगृह और आरती के दौरान सामान्यतः फोटोग्राफी प्रतिबंधित रहती है। कृपया मंदिर कर्मियों के निर्देशों का पालन करें।
मैं क्या चढ़ावा चढ़ा सकता/सकती हूँ?
सामान्य चढ़ावे में फूल, सिंदूर, नारियल, मिठाई, अगरबत्ती तथा मंदिर सेवा और प्रसाद हेतु दान शामिल हैं।
क्या पास में रहने की व्यवस्था है?
हाँ। संगम और सिविल लाइन्स के पास बजट से मध्य श्रेणी तक होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशालाएँ उपलब्ध हैं।
मंगलवार और शनिवार क्यों विशेष हैं?
ये दिन परंपरा से हनुमान जी को समर्पित हैं। भक्त व्रत रखते हैं, सिंदूर-लड्डू चढ़ाते हैं और अधिक संख्या में चालीसा का पाठ करते हैं।
मंदिर का संगम और कुंभ से क्या संबंध है?
त्रिवेणी संगम स्नान के पश्चात् श्रद्धालु परंपरा से बड़े हनुमान जी के दर्शन करते हैं। माघ मेला और कुंभ में मंदिर में अत्यधिक भीड़ होती है।
क्या मंदिर में निशान चढ़ा सकते हैं?
हाँ। मनौती पूर्ण होने पर कृतज्ञता स्वरूप निशान चढ़ाना सामान्य प्रथा है। उचित स्थान व विधि हेतु मंदिर कर्मियों से पूछें।